KYC प्लेटफ़ॉर्म

तेज़ी से ऑनबोर्ड करें। पहले ही फ्रॉड पहचानें। हमारा समग्र KYC समाधान डिजिटल ऑनबोर्डिंग की हर स्टेप को एक साथ लाकर एक सहज अनुभव बनाता है, जिससे धोखेबाज़ बाहर रहते हैं और वास्तविक ग्राहक आगे बढ़ते हैं।

हम ऑनलाइन पहचान धोखाधड़ी के खिलाफ मजबूत सुरक्षा प्रदान करते हैं—शक्तिशाली, सहज और हमेशा सक्रिय।

यूज़र अपनी ID की फोटो अपलोड करता है

"एंटिटी वेरिफिकेशन" (MCA, GST, Company Check)

"फाइनेंशियल चेक्स" (Bank Statement, Credit, Global DB)

"डायरेक्टर और ओनरशिप" (Identity, Directorship)

STEP
01
Step 1

यूज़र सेल्फी लेता है

किसी भी सरकारी ID पर कैमरा रखें—हमारा AI डॉक्युमेंट टाइप अपने‑आप पहचान लेता है, मैन्युअल चयन की ज़रूरत नहीं।

STEP
02
Step 2

फेसियल रिकग्निशन

HelloVerify रियल‑टाइम गाइडेंस और स्मार्ट डॉक्युमेंट डिटेक्शन के साथ अनुभव को आसान बनाता है, डॉक्युमेंट टाइप स्वतः पहचानकर मैन्युअल एंट्री हटाता है—जिससे प्रोसेसिंग तेज़ होती है और त्रुटियाँ काफी कम होती हैं।

STEP
03
Step 3

लाइवलिनेस चेक

HelloVerify रियल‑टाइम गाइडेंस और इंटेलिजेंट डॉक्युमेंट रिकग्निशन के साथ मैन्युअल एंट्री हटाकर तेज़ प्रोसेसिंग और अधिक सटीकता सुनिश्चित करता है।

STEP
04
Step 4

निर्णय प्राप्त करें

HelloVerify रियल‑टाइम गाइडेंस और स्मार्ट रिकग्निशन के साथ मैन्युअल इनपुट हटाकर तेज़ प्रोसेसिंग, बेहतर सटीकता और कम त्रुटियाँ सुनिश्चित करता है।

STEP
05
Step 5

कस्टमर को ऑनबोर्ड करें

HelloVerify रियल‑टाइम गाइडेंस और ऑटोमैटिक डॉक्युमेंट डिटेक्शन के साथ मैन्युअल एंट्री हटाकर वर्कफ़्लो तेज़ करता है, त्रुटियाँ घटाता है और कुल सटीकता बढ़ाता है।

STEP
06
Step 6
सेल्स से संपर्क

हमारे समाधान

डिजिटल ऑनबोर्डिंग और फ्रॉड डिटेक्शन की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए एक समग्र KYC समाधान।

KYC

  1. पहचान सत्यापन
  2. लोकेशन कन्फर्मेशन
  3. लाइवलिनेस चेक
  4. फेसियल रिकग्निशन

KYB

  1. GST सत्यापन
  2. MCA सत्यापन
  3. उद्योग/उद्यम आधार
  4. कंपनी PAN

अंडरराइटिंग

  1. GST-Lite व एडवांस्ड
  2. बैंक स्टेटमेंट विश्लेषण
  3. ITR चेक
  4. MCA डेटा पुल

फ्रॉड व रिस्क

  1. कोर्ट रिकॉर्ड चेक
  2. PAN-आधार लिंक
  3. ईमेल रिस्क एनालिसिस
  4. 1:N फेस-मैच

एक्सिक्यूट

  1. बैंक अकाउंट वैलिडेशन
  2. ई-साइन
  3. डिवाइस फिंगरप्रिंटिंग
  4. ई-स्टैम्प

AML

  1. कम्प्लायंस सुनिश्चित करें और जोखिम कम करें
  2. रियल-टाइम स्क्रीनिंग करें
  3. लेन-देन की लगातार निगरानी करें
  4. समग्र जोखिम आकलन करें